Editors Choice

3/recent/post-list

मवैया में शवदाह गृह की जमीन देखने पहुंचे पार्षद, बस्ती में निर्माण का किया विरोध


  • ओमेक्स सिटी और डीपीएस के आगे प्रस्तावित स्थल पर ही शवदाह गृह बनाने की मांग
  • पार्षदों ने लगाए गंभीर सवाल, न्यायिक जांच की उठाई मांग
DEVA TV

नैनी, प्रयागराज। नैनी जोन में प्रस्तावित शवदाह गृह को लेकर गुरुवार को एक बार फिर विवाद सामने आया। नैनी जोन के पार्षदों, भाजपा पदाधिकारियों और क्षेत्रवासियों ने अरैल स्थित डीपीएस स्कूल के आगे मवैया क्षेत्र में शवदाह गृह निर्माण के लिए बताई जा रही जमीन का निरीक्षण किया। ओमेक्स सिटी के लोगों की ओर से कराए गए स्थल निरीक्षण के दौरान पार्षदों ने मौके की स्थिति पर सवाल उठाते हुए मवैया बस्ती में शवदाह गृह बनाए जाने का विरोध किया।

पार्षदों का कहना था कि जिस स्थान को शवदाह गृह निर्माण के लिए बताया जा रहा है, वहां आबादी बसी हुई है। ऐसे में घनी बस्ती के बीच शवदाह गृह का निर्माण कराया जाना उचित नहीं होगा। पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि शवदाह गृह का निर्माण ओमेक्स सिटी के आगे उसी स्थान पर कराया जाना चाहिए, जहां पूर्व में महापौर गणेश केसरवानी द्वारा भूमि पूजन किया जा चुका है।

पार्षद रणविजय सिंह डब्बू एडवोकेट ने आरोप लगाया कि शवदाह गृह के लिए भूमि को लेकर पूर्व में गठित जांच समिति की रिपोर्ट में गंभीर सवाल हैं। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट में जिस भूमि को मास्टर प्लान-2031 में आवासीय दर्शाए जाने की बात कही गई है, वह उच्चतम बाढ़ बिंदु से 500 मीटर के दायरे में आती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बाढ़ क्षेत्र के नियमों के चलते ऐसी जमीन पर आवासीय निर्माण के नक्शे स्वीकृत नहीं किए जाते, तो उसे मास्टर प्लान में आवासीय कैसे दर्शाया गया। उन्होंने कहा कि कछार क्षेत्र की भूमि को आवासीय दर्शाए जाने के मामले की उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है।


पार्षद मयंक यादव ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में प्रयागराज विकास प्राधिकरण, ओमेक्स, डीपीएस और जिला प्रदूषण नियंत्रण इकाई की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मामले में बड़े पैमाने पर अनियमितता की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

वहीं पार्षद प्रेम शंकर यादव ने कहा कि यदि नदी के किनारे ओमेक्स सिटी और डीपीएस स्कूल का निर्माण हो सकता है, तो उसी क्षेत्र में शवदाह गृह के निर्माण पर आपत्ति क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि शवदाह गृह का निर्माण लंबे समय से लंबित होने के कारण क्षेत्र की बड़ी आबादी को अंतिम संस्कार के लिए शहर की ओर जाना पड़ता है।

भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा महानगर नरसिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों से न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। शवदाह गृह के निर्माण में हो रही देरी को लेकर क्षेत्र के पार्षदों, नेताओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

पार्षदों और क्षेत्रवासियों का कहना है कि नैनी क्षेत्र की करीब पांच लाख की आबादी को स्थानीय स्तर पर शवदाह गृह की सुविधा नहीं मिलने से अंतिम संस्कार के लिए शहर की ओर जाना पड़ता है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द से जल्द उपयुक्त भूमि पर शवदाह गृह का निर्माण शुरू कराने की मांग की।

नोट: पीडीए, ओमेक्स, डीपीएस अथवा प्रदूषण नियंत्रण विभाग पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ