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अरैल में बनेगा 550 बेड का मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल


₹200 करोड़ की लागत से होगा निर्माण, PPP मॉडल पर 45 साल तक संचालन; 3.22 एकड़ जमीन पर बनेगा अत्याधुनिक अस्पताल

DEVA TV|Prayagraj

प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज की स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। अरैल घाट के पीछे प्रस्तावित 550 बेड के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रयागराज नगर निगम ने अस्पताल के विकास और संचालन के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत Park Medi World Limited को कार्यादेश दिया है। कंपनी की ओर से 26 अगस्त 2026 को इसकी जानकारी सार्वजनिक की गई।

करीब ₹200 करोड़ के अनुमानित निवेश से बनने वाले इस अस्पताल का निर्माण नियुक्ति तिथि से दो वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण के बाद अस्पताल का संचालन 45 वर्ष की दीर्घकालिक लीज के तहत किया जाएगा।


अरैल घाट के ठीक पीछे होगी लोकेशन

प्रस्तावित अस्पताल के लिए नगर निगम की ओर से करीब 3.22 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। यह जमीन अरैल घाट के पीछे स्थित है। परियोजना में भविष्य के विस्तार की भी गुंजाइश रखी गई है। वाणिज्यिक संचालन शुरू होने के पांचवें वर्ष के बाद अतिरिक्त 2.47 एकड़ भूमि लेने का विकल्प भी परियोजना में शामिल है।

अरैल घाट संगम क्षेत्र के बेहद करीब है। कंपनी के अनुसार, सड़क मार्ग से संगम घाट की दूरी करीब तीन किलोमीटर और नाव से लगभग आधा किलोमीटर बताई गई है। ऐसे में यह अस्पताल प्रयागराज के स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों और संगम क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र साबित हो सकता है।


सरकार की ओर से ₹76.52 करोड़ की सहायता

इस परियोजना की एक अहम बात यह है कि अस्पताल के निर्माण में ₹76.52 करोड़ की सरकारी सहायता/प्रतिपूर्ति का प्रावधान बताया गया है। यानी लगभग ₹200 करोड़ की परियोजना लागत के एक बड़े हिस्से को सरकारी सहयोग मिलेगा। परियोजना के लिए Park Group अपने आंतरिक संसाधनों से निवेश करेगा।

इसके बदले PPP व्यवस्था के तहत Park Group को अस्पताल के संचालन की दीर्घकालिक जिम्मेदारी मिलेगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कंपनी को ₹18.10 करोड़ वार्षिक कंसेशन फीस का भुगतान करना होगा, जिसमें हर वर्ष तीन प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान है।


प्रयागराज में निजी स्वास्थ्य सेवाओं का नया बड़ा केंद्र

550 बेड की क्षमता वाला यह अस्पताल पूरा होने के बाद शहर की बड़ी निजी स्वास्थ्य सुविधाओं में शामिल होगा। प्रस्तावित परियोजना का उद्देश्य प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में अत्याधुनिक टर्शियरी एवं सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना है।

Park Group के मौजूदा और प्रस्तावित विस्तार में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट तथा महिला एवं बाल स्वास्थ्य जैसी सेवाओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि अरैल अस्पताल में कौन-कौन सी विशिष्ट सेवाएं किस स्तर पर उपलब्ध होंगी, इसका अंतिम विवरण परियोजना के विकास के साथ स्पष्ट होगा।


प्रयागराज के मरीजों को बड़े शहरों की दौड़ से मिल सकती है राहत

प्रयागराज के अलावा आसपास के जिलों के मरीज भी गंभीर और जटिल बीमारियों के उपचार के लिए अक्सर बड़े शहरों का रुख करते हैं। ऐसे में 550 बेड की क्षमता वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू होने पर स्थानीय स्तर पर गंभीर उपचार, जांच, सर्जरी और क्रिटिकल केयर जैसी सेवाओं की क्षमता बढ़ सकती है।

विशेष रूप से प्रयागराज की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह अस्पताल पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।


दो साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य 

परियोजना के तहत अस्पताल का निर्माण नियुक्ति तिथि से दो वर्ष के भीतर पूरा किया जाना है। 45 वर्ष की लीज अवधि के दौरान इसका संचालन Park Group द्वारा किया जाएगा। कंपनी ने इसे उत्तर प्रदेश में अपने स्वास्थ्य सेवा विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी बताया है। प्रयागराज परियोजना के साथ आगरा में 360 बेड की मौजूदा क्षमता और गोरखपुर में प्रस्तावित 400 बेड की सुविधा को जोड़ने पर उत्तर प्रदेश में समूह की कुल क्षमता 1,260 बेड तक पहुंचने की बात कही गई है।


संगम नगरी की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव!

अरैल घाट के पीछे 550 बेड का यह अस्पताल सिर्फ एक नई इमारत नहीं, बल्कि प्रयागराज की स्वास्थ्य व्यवस्था में संभावित बड़े बदलाव की परियोजना है। करीब ₹200 करोड़ का निवेश, 550 बेड की क्षमता, अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की योजना और भविष्य में विस्तार की संभावना इसे शहर की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं में शामिल करती है।

अब सबसे बड़ी नजर निर्माण कार्य शुरू होने, अस्पताल के डिजाइन एवं विभागों की अंतिम रूपरेखा और दो वर्ष की निर्धारित समयसीमा में परियोजना पूरी होने पर रहेगी।

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