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आस्था के मंदिरों को स्वच्छ रखना भी हमारी जिम्मेदारी: सरस्वती सामाजिक सेवा संस्थान ने चलाया स्वच्छता अभियान

 


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प्रयागराज। “श्रद्धा से करो पूजा-पाठ, लेकिन तन और मन से करो आस्था के मंदिरों को स्वच्छ एवं साफ, तब करेंगे शिवजी हर गुनाहों को माफ।” इसी संदेश के साथ रविवार, 23 अगस्त 2026 को सरस्वती सामाजिक सेवा संस्थान, अरैल-नैनी, प्रयागराज की ओर से मंदिर परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया।

कार्यक्रम अधिकारी कुंवर जी तिवारी के नेतृत्व में सरस्वती टीम के सदस्यों ने मंदिर के कोने-कोने की सफाई की और श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। अभियान के दौरान मंदिर परिसर में जगह-जगह पड़े प्लास्टिक गिलास, पॉलीथिन, माचिस के पैकेट एवं अन्य कचरे को एकत्र कर परिसर को साफ-सुथरा किया गया।


कुंवर जी तिवारी ने कहा कि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मंदिरों में भगवान की पूजा-अर्चना करते हैं तथा फल-फूल एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। लेकिन पूजा के बाद दूध के प्लास्टिक गिलास, पॉलीथिन, माचिस के पैकेट और प्लास्टिक की बोतलें इधर-उधर फेंक दिए जाने से मंदिर परिसर में गंदगी और इधर-उधर फेंक दिए जाने से मंदिर परिसर में गंदगी और दुर्गंध फैलती है। उन्होंने कहा कि आस्था के साथ स्वच्छता को भी जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।

सरस्वती परिवार के पदाधिकारी संदीप केसरवानी ने आमजन, दुकानदारों एवं श्रद्धालुओं से अपील की कि मंदिरों में श्रद्धा से पूजा-पाठ करें और फल-फूल चढ़ाएं, लेकिन शीशी, प्लास्टिक गिलास, बोतल, पॉलीथिन एवं अन्य कचरे को इधर-उधर न फेंकें। उन्होंने कहा कि कूड़ा निर्धारित स्थान अथवा डस्टबिन में ही डालें, ताकि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और स्वच्छता दोनों बनी रहे।



उन्होंने कहा कि स्वच्छ मंदिर, स्वच्छ वातावरण और स्वच्छ समाज की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु और नागरिक की है। यदि हर व्यक्ति पूजा के साथ स्वच्छता का संकल्प ले तो धार्मिक स्थलों को लंबे समय तक साफ-सुथरा रखा जा सकता है।

स्वच्छता अभियान में धीरज यादव, सहदेव चौरसिया, ऋषि दीक्षित, एडवोकेट आत्म प्रकाश यादव, ज्ञान प्रकाश मिश्रा, डॉ. एस.बी. यादव, इंदु प्रकाश सिंह, शशिकांत पाण्डेय, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, धीरज राजवानी, तुलसी तिवारी सहित सरस्वती सामाजिक सेवा संस्थान के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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