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नई दिल्ली। देश ने रविवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, उमंग और राष्ट्रभक्ति के माहौल में मनाया। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराया और देशवासियों को संबोधित किया। करीब 76 मिनट के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं और देश के सामने मौजूद अवसरों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री के संबोधन में युवा शक्ति, आधुनिक तकनीक, आत्मनिर्भरता, रक्षा क्षमता, सेमीकंडक्टर निर्माण, हरित ऊर्जा और उत्पादन क्षमता बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सात महत्वपूर्ण क्षेत्रों को विकास की आधारशिला के रूप में रेखांकित किया।
युवाओं को AI से जोड़ने पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करने की जरूरत बताई। सरकार का लक्ष्य युवाओं को भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना और भारत की युवा आबादी को तकनीकी ताकत में बदलना है। AI के साथ-साथ रिसर्च, इनोवेशन, स्टार्टअप और आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भारत की क्षमता बढ़ाने पर भी प्रधानमंत्री ने जोर दिया।
सेमीकंडक्टर निर्माण को मिलेगी नई गति
तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए सेमीकंडक्टर को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री ने देश में इसके उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल से लेकर रक्षा उपकरणों तक सेमीकंडक्टर की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में घरेलू उत्पादन को मजबूत करना भारत की रणनीतिक और आर्थिक जरूरत माना जा रहा है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का संकल्प
प्रधानमंत्री के भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा उत्पादन भी प्रमुख विषय रहा। उन्होंने भारत को रक्षा क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही। आधुनिक हथियारों, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और अत्याधुनिक रक्षा तकनीक के क्षेत्र में देश की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया।
ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण पर जोर
विकसित भारत के विजन में हरित ऊर्जा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। प्रधानमंत्री ने स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को भविष्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत बनाने की दिशा पर बल दिया।
‘शक्ति की सप्तधारा’ में विकास के सात आधार
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए जिन सात प्रमुख धाराओं को सामने रखा, उनमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं खाद्य उत्पादन, तकनीक एवं नवाचार, बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा, रक्षा क्षमता, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन सात क्षेत्रों को मजबूत करने के जरिए भारत की अर्थव्यवस्था, रोजगार, तकनीकी क्षमता और वैश्विक प्रभाव को नई ऊंचाई देने का लक्ष्य रखा गया है।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष आयोजन
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस का आयोजन एक और वजह से खास रहा। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे विशेष सम्मान दिया गया। देशभर में स्वतंत्रता दिवस समारोहों में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की भावना को प्रमुखता से सामने रखा गया।
NCC कैडेट्स ने बनाया मनमोहक दृश्य
लाल किले के कार्यक्रम में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के हजारों कैडेट्स की भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र रही। कैडेट्स ने सामूहिक प्रस्तुति के माध्यम से ऐसा प्रभावशाली दृश्य तैयार किया, जिसे ऊपर से देखने पर ‘वंदे मातरम्’ का स्वरूप दिखाई दे रहा था। वहीं भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने आसमान से पुष्पवर्षा कर स्वतंत्रता दिवस समारोह की भव्यता और बढ़ा दी। लाल किले का पूरा परिसर देशभक्ति और उत्साह के रंग में नजर आया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं और देश की भावी दिशा का संकेत देने वाला रहा। युवाओं की तकनीकी क्षमता, आत्मनिर्भर उत्पादन, आधुनिक रक्षा व्यवस्था और हरित अर्थव्यवस्था को आने वाले वर्षों में भारत की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में प्रस्तुत किया गया।








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