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नैनी में धूमधाम से मनाया जाएगा 1501वां जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी: नाजिम खान

एक दर्जन से अधिक मोहल्लों और आसपास के गांवों से निकलेगा जुलूस-ए-मुहम्मदी, अरैल मोड़ पर जुटेंगे जुलूस; भाईचारे और अमन का दिया जाएगा संदेश 



DEVA TV | प्रयागराज

प्रयागराज। नैनी में हर वर्ष की तरह इस बार भी जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। समाजसेवी एवं व्यापारी नेता नाजिम खान ने बताया कि इस वर्ष पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा ﷺ की पैदाइश की खुशी में 1501वां जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी पूरे अकीदत, उत्साह और धार्मिक परंपराओं के साथ मनाया जाएगा।

नैनी के मेवा लाल बगिया स्थित अपने आवास पर बातचीत के दौरान नाजिम खान ने बताया कि रबी-उल-अव्वल शरीफ इस्लामी समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण महीना है। इसी महीने पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा ﷺ की यौमे-विलादत के अवसर पर दुनिया भर में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी मनाया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस मौके पर लोग अपने घरों, मोहल्लों और प्रमुख स्थानों को सजाते हैं। मिलाद, नात-ख्वानी, जलसे और लंगर का आयोजन किया जाता है तथा जरूरतमंदों और गरीबों को भोजन कराया जाता है। लोगों का उद्देश्य पैगंबर की शिक्षाओं को याद करना और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेना होता है।




एक दर्जन से अधिक मोहल्लों और गांवों से निकलेगा जुलूस

नाजिम खान के अनुसार, नैनी क्षेत्र के आसपास के गांवों और करीब एक दर्जन से अधिक मोहल्लों से जुलूस-ए-मुहम्मदी निकाला जाएगा। सभी जुलूस अरैल मोड़ पर एकत्र होंगे। इसके बाद संयुक्त जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग से आगे बढ़ेगा।

जुलूस अरैल मोड़ से चकदोंदी, मल्हरा फाटक, स्टेशन रोड, नैनी बाजार और शंकरढाल होते हुए पुनः अरैल मोड़ पहुंचेगा, जहां कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि जुलूस के दौरान लोग नात-ख्वानी करते हुए पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ की शिक्षाओं और उनके संदेश को याद करेंगे।



अमन, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश

नाजिम खान ने कहा कि जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी केवल खुशी मनाने का अवसर नहीं, बल्कि इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे, जरूरतमंदों की मदद और समाज में अमन कायम करने का संदेश देने का भी अवसर है।

उन्होंने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ ने इंसानियत, आपसी प्रेम, जरूरतमंदों की सहायता और अच्छे आचरण की शिक्षा दी। इसी भावना को समाज में आगे बढ़ाने की जरूरत है।

नाजिम खान ने कहा कि भारत की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारा सदियों से देश की पहचान रहा है। उन्होंने कामना की कि हिंदुस्तान की सरजमीं पर सभी धर्मों और समुदायों के लोग आपसी प्रेम एवं सौहार्द के साथ रहें तथा एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनें।


उन्होंने कहा, “हमारी सबसे बड़ी दुआ यही है कि देश में अमन-चैन कायम रहे, लोगों के दिलों में एक-दूसरे के प्रति मोहब्बत बढ़े और आपसी भाईचारा हमेशा मजबूत बना रहे।”


गरीबों और जरूरतमंदों की मदद पर जोर

जश्न के दौरान लंगर और जरूरतमंदों की मदद को भी विशेष महत्व दिए जाने की बात कही गई है। नाजिम खान ने कहा कि खुशियां तभी सार्थक हैं, जब उन्हें समाज के जरूरतमंद लोगों के साथ साझा किया जाए।

उन्होंने लोगों से अपील की कि जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर शांति, अनुशासन और आपसी सद्भाव बनाए रखते हुए धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता करें।

नैनी में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी को लेकर तैयारियों के बीच लोगों में उत्साह है। आयोजकों का कहना है कि इस बार भी आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ अमन, मोहब्बत और सामाजिक भाईचारे का संदेश देगा।

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